MP अतिथि शिक्षक पंजीयन 2026: एक परिवार में एक से अधिक योग्य आवेदक, लेकिन एक ही कर पा रहा आवेदन
क्या समग्र आईडी की तकनीकी उलझन छीन लेगी युवाओं के रोजगार का अवसर?
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग (DPI) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अतिथि शिक्षकों के नवीन पंजीयन की प्रक्रिया आज, 2 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश भर के हजारों युवा इस अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन पोर्टल (GFMS) खुलते ही आवेदकों को एक ऐसी गंभीर तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है।समस्या किसी एक अभ्यर्थी की नहीं है, बल्कि प्रदेश के उन हजारों परिवारों की है, जहाँ एक से अधिक सदस्य अतिथि शिक्षक बनने की योग्यता रखते हैं और इसके लिए आवेदन करना चाहते हैं।
क्या है पूरी समस्या?
अतिथि शिक्षक पोर्टल (GFMS) पर पंजीयन पूरी तरह से समग्र आईडी (Samagra ID) के आधार पर ई-केवाईसी (e-KYC) से जुड़ा हुआ है। जब कोई आवेदक अपनी व्यक्तिगत समग्र आईडी दर्ज करता है, तो सिस्टम डिफ़ॉल्ट रूप से परिवार की समग्र आईडी से जुड़ा हुआ मुख्य मोबाइल नंबर उठा लेता है।
असली परेशानी तब शुरू होती है जब एक ही परिवार के दो सदस्य (जैसे दो भाई, या पति-पत्नी) अलग-अलग आवेदन करना चाहते हैं।
- पहले सदस्य का पंजीयन तो उस मोबाइल नंबर से सफलतापूर्वक हो जाता है।
- लेकिन जब परिवार का दूसरा सदस्य अपनी व्यक्तिगत आईडी डालकर पंजीयन का प्रयास करता है, तो सिस्टम वही पुराना मोबाइल नंबर उठाता है और "यह मोबाइल नंबर पहले से पंजीकृत है" का एरर (त्रुटि) दिखा कर प्रक्रिया को वहीं रोक देता है।
पोर्टल पर सुधार का विकल्प ही नहीं!
हैरानी की बात यह है कि GFMS पोर्टल पर ई-केवाईसी के दौरान आवेदक को अपना मोबाइल नंबर बदलने या नया नंबर दर्ज करने का कोई 'मैन्युअल विकल्प' (Edit Option) नहीं दिया गया है।
इसके कारण योग्य उम्मीदवार केवल इसलिए आवेदन से वंचित हो रहे हैं क्योंकि उनके परिवार का कोई अन्य सदस्य पहले ही उसी नंबर से फॉर्म भर चुका है। तकनीकी रूप से समग्र पोर्टल पर जाकर नंबर बदलने की एक लंबी प्रक्रिया है, जिसे अपडेट होने में 24 से 48 घंटे या उससे भी अधिक का समय लग जाता है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों के लिए बार-बार MP Online या CSC सेंटर के चक्कर लगाना भारी पड़ रहा है।
अभ्यर्थियों की मांग और प्रशासन से अपील
यह एक छोटी सी कोडिंग या पोर्टल डिजाइन की कमी है, जो हजारों युवाओं के लिए एक बड़ी बाधा बन गई है। शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) और NIC की तकनीकी टीम से प्रदेश के युवाओं की निम्नलिखित माँगें हैं:
- पोर्टल पर मोबाइल नंबर एडिट करने की सुविधा: GFMS पोर्टल पर समग्र ई-केवाईसी के दौरान ही आवेदक को अपना 'वैकल्पिक या नया मोबाइल नंबर' दर्ज करने का सीधा विकल्प (Option) दिया जाए।
- आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर को प्राथमिकता: समग्र आईडी के बजाय, यदि सिस्टम सीधे आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर को प्राथमिकता दे, तो यह समस्या काफी हद तक सुलझ सकती है।
- हेल्पलाइन सक्रिय हो: इस तरह की तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभाग द्वारा जारी हेल्पडेस्क को और अधिक सक्रिय किया जाए।
निष्कर्ष
अतिथि शिक्षक भर्ती प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि शुरुआती चरण में ही ऐसी तकनीकी खामियों के कारण युवा आवेदन नहीं कर पाएंगे, तो यह विभाग की व्यवस्थाओं पर एक बड़ा सवालिया निशान है। विभाग को तुरंत इस पोर्टल की खामी को दुरुस्त करना चाहिए ताकि हर योग्य अभ्यर्थी बिना किसी परेशानी के अपना पंजीयन करा सके।
(यदि आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें और शिक्षा विभाग तक अपनी आवाज़ पहुँचाएँ।)
