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02 May 2026

GFMS पोर्टल की बड़ी खामी: एक परिवार से केवल एक ही सदस्य कर पा रहा है अतिथि शिक्षक का आवेदन।

​MP अतिथि शिक्षक पंजीयन 2026: एक परिवार में एक से अधिक योग्य आवेदक, लेकिन एक ही कर पा रहा आवेदन 

क्या समग्र आईडी की तकनीकी उलझन छीन लेगी युवाओं के रोजगार का अवसर?

​मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग (DPI) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अतिथि शिक्षकों के नवीन पंजीयन की प्रक्रिया आज, 2 मई 2026 से प्रारंभ हो चुकी है। प्रदेश भर के हजारों युवा इस अवसर की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन पोर्टल (GFMS) खुलते ही आवेदकों को एक ऐसी गंभीर तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिसने उनकी उम्मीदों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है।

​समस्या किसी एक अभ्यर्थी की नहीं है, बल्कि प्रदेश के उन हजारों परिवारों की है, जहाँ एक से अधिक सदस्य अतिथि शिक्षक बनने की योग्यता रखते हैं और इसके लिए आवेदन करना चाहते हैं।

क्या है पूरी समस्या?

​अतिथि शिक्षक पोर्टल (GFMS) पर पंजीयन पूरी तरह से समग्र आईडी (Samagra ID) के आधार पर ई-केवाईसी (e-KYC) से जुड़ा हुआ है। जब कोई आवेदक अपनी व्यक्तिगत समग्र आईडी दर्ज करता है, तो सिस्टम डिफ़ॉल्ट रूप से परिवार की समग्र आईडी से जुड़ा हुआ मुख्य मोबाइल नंबर उठा लेता है।

​असली परेशानी तब शुरू होती है जब एक ही परिवार के दो सदस्य (जैसे दो भाई, या पति-पत्नी) अलग-अलग आवेदन करना चाहते हैं।

  • ​पहले सदस्य का पंजीयन तो उस मोबाइल नंबर से सफलतापूर्वक हो जाता है।
  • ​लेकिन जब परिवार का दूसरा सदस्य अपनी व्यक्तिगत आईडी डालकर पंजीयन का प्रयास करता है, तो सिस्टम वही पुराना मोबाइल नंबर उठाता है और "यह मोबाइल नंबर पहले से पंजीकृत है" का एरर (त्रुटि) दिखा कर प्रक्रिया को वहीं रोक देता है।

पोर्टल पर सुधार का विकल्प ही नहीं!

​हैरानी की बात यह है कि GFMS पोर्टल पर ई-केवाईसी के दौरान आवेदक को अपना मोबाइल नंबर बदलने या नया नंबर दर्ज करने का कोई 'मैन्युअल विकल्प' (Edit Option) नहीं दिया गया है।

​इसके कारण योग्य उम्मीदवार केवल इसलिए आवेदन से वंचित हो रहे हैं क्योंकि उनके परिवार का कोई अन्य सदस्य पहले ही उसी नंबर से फॉर्म भर चुका है। तकनीकी रूप से समग्र पोर्टल पर जाकर नंबर बदलने की एक लंबी प्रक्रिया है, जिसे अपडेट होने में 24 से 48 घंटे या उससे भी अधिक का समय लग जाता है। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदकों के लिए बार-बार MP Online या CSC सेंटर के चक्कर लगाना भारी पड़ रहा है।

अभ्यर्थियों की मांग और प्रशासन से अपील

​यह एक छोटी सी कोडिंग या पोर्टल डिजाइन की कमी है, जो हजारों युवाओं के लिए एक बड़ी बाधा बन गई है। शिक्षा विभाग, लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) और NIC की तकनीकी टीम से प्रदेश के युवाओं की निम्नलिखित माँगें हैं:

  1. पोर्टल पर मोबाइल नंबर एडिट करने की सुविधा: GFMS पोर्टल पर समग्र ई-केवाईसी के दौरान ही आवेदक को अपना 'वैकल्पिक या नया मोबाइल नंबर' दर्ज करने का सीधा विकल्प (Option) दिया जाए।
  2. आधार लिंक्ड मोबाइल नंबर को प्राथमिकता: समग्र आईडी के बजाय, यदि सिस्टम सीधे आधार कार्ड से जुड़े मोबाइल नंबर को प्राथमिकता दे, तो यह समस्या काफी हद तक सुलझ सकती है।
  3. हेल्पलाइन सक्रिय हो: इस तरह की तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभाग द्वारा जारी हेल्पडेस्क को और अधिक सक्रिय किया जाए।

निष्कर्ष

​अतिथि शिक्षक भर्ती प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को पूरा करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि शुरुआती चरण में ही ऐसी तकनीकी खामियों के कारण युवा आवेदन नहीं कर पाएंगे, तो यह विभाग की व्यवस्थाओं पर एक बड़ा सवालिया निशान है। विभाग को तुरंत इस पोर्टल की खामी को दुरुस्त करना चाहिए ताकि हर योग्य अभ्यर्थी बिना किसी परेशानी के अपना पंजीयन करा सके।

(यदि आप भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो इस पोस्ट को अधिक से अधिक शेयर करें और शिक्षा विभाग तक अपनी आवाज़ पहुँचाएँ।)

MP अतिथि शिक्षक भर्ती 2026-27: नवीन पंजीयन और प्रोफाइल अपडेशन प्रक्रिया शुरू – पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मध्य प्रदेश अतिथि शिक्षक (Guest Faculty) भर्ती प्रक्रिया पर आधारित एक विस्तृत जानकारी :



शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के लिए भोपाल से दिनांक 29 अप्रैल 2026 को नोटिफिकेशन जारी किया गया है 

जिसके अंतर्गत अतीत शिक्षकों को नवीन पंजीयन तथा पूर्व पंजीकृत शिक्षकों के लिए अपडेट एवं सत्यापन करना है 

यह पूरी प्रक्रिया 2 में से 22 में तक चलेगी टोटल 21 दिन का समय दिया गया है ...

 हालांकि आज दिनांक 2 में 2026 को अभी तक रजिस्ट्रेशन चालू नहीं हुआ है  

अन्य सभी दिशा निर्देश आप नीचे दिए गए डॉक्यूमेंट में पढ़ सकते हैं 

MP Atithi Shikshak Bharti 2026-27: नवीन पंजीयन और सत्यापन प्रक्रिया शुरू, यहाँ जानें पूरी जानकारी

भोपाल: लोक शिक्षण संचालनालय (DPI), मध्य प्रदेश ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अतिथि शिक्षकों की भर्ती के संबंध में महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी है। दिनांक 29 अप्रैल 2026 को जारी इस आदेश के तहत सरकारी स्कूलों में रिक्त पदों के विरुद्ध अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जानी है।

यदि आप मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षक के रूप में सेवा देना चाहते हैं, तो यह आपके लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।


महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

इस बार विभाग ने पूरी प्रक्रिया के लिए कुल 21 दिनों का समय दिया है। मुख्य तिथियां नीचे दी गई हैं:

  • नोटिफिकेशन जारी होने की तिथि: 29 अप्रैल 2026

  • पंजीयन एवं अपडेट प्रारंभ तिथि: 02 मई 2026

  • आवेदन एवं सत्यापन की अंतिम तिथि: 22 मई 2026

ताज़ा अपडेट (2 मई 2026): नोटिफिकेशन के अनुसार आज से पोर्टल पर लिंक सक्रिय होनी थी, लेकिन वर्तमान में तकनीकी कारणों से GFMS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे निरंतर पोर्टल चेक करते रहें।


कौन कर सकता है आवेदन?

अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:

  1. नवीन पंजीयन (New Registration): ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने अभी तक अतिथि शिक्षक पोर्टल (GFMS) पर अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे नए सिरे से आवेदन कर सकते हैं।

  2. पूर्व पंजीकृत शिक्षक (Existing Users): जो शिक्षक पहले से पोर्टल पर पंजीकृत हैं, वे अपनी शैक्षणिक योग्यता (जैसे- बीएड, एमए, या अन्य डिग्री) में सुधार या उसे अपडेट कर सकते हैं।


पंजीयन और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया

अतिथि शिक्षक बनने के लिए आपको निम्नलिखित चरणों का पालन करना अनिवार्य है:

1. ऑनलाइन पंजीयन/अपडेट

सबसे पहले आपको GFMS Portal पर जाकर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, मोबाइल नंबर और शैक्षणिक योग्यता दर्ज करनी होगी।

2. e-KYC अनिवार्य

रजिस्ट्रेशन के दौरान आधार कार्ड के माध्यम से e-KYC करना अनिवार्य है। सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर आपके आधार से लिंक हो।

3. संकुल केंद्र पर सत्यापन (Verification)

केवल ऑनलाइन फॉर्म भरने से आपका स्कोर कार्ड जनरेट नहीं होगा। आपको अपने नजदीकी शासकीय संकुल प्राचार्य (Government Cluster Principal) के पास जाकर अपने मूल दस्तावेजों (Original Documents) का सत्यापन कराना होगा। सत्यापन के बाद ही आपका आवेदन मान्य माना जाएगा।


आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

सत्यापन के समय आपको निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

  • कक्षा 10वीं एवं 12वीं की अंकसूची

  • स्नातक (Graduation) और स्नातकोत्तर (Post Graduation) की अंकसूची

  • डी.एल.एड. (D.El.Ed.) / बी.एड. (B.Ed.) की मार्कशीट

  • आधार कार्ड

  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

  • स्कोर कार्ड (पुराने शिक्षकों के लिए)


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न: क्या पुराने शिक्षकों को दोबारा सत्यापन कराना होगा? उत्तर: यदि आपने अपनी प्रोफाइल में कोई नई जानकारी या योग्यता जोड़ी है, तो आपको पुनः संकुल से सत्यापन कराना अनिवार्य है।

प्रश्न: पोर्टल कब तक चालू होगा? उत्तर: विभाग द्वारा तकनीकी टीम इस पर कार्य कर रही है। उम्मीद है कि आज शाम तक या कल तक लिंक सक्रिय हो जाएगी।


विस्तृत निर्देश यहाँ पढ़ें

भर्ती से संबंधित अन्य सभी दिशा-निर्देश और आधिकारिक नियम पुस्तिका (Rulebook) नीचे दिए गए लिंक से डाउनलोड करें:

[यहाँ क्लिक करें - आधिकारिक नोटिफिकेशन डाउनलोड करें (PDF)]

निष्कर्ष: मध्य प्रदेश के लगभग 80,000 संभावित पदों पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था की जानी है। समय रहते अपना पंजीयन और सत्यापन पूर्ण करें ताकि आप चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

टैग्स: #MPTeacher #AtithiShikshak #GFMS #EducationNews #MadhyaPradesh #GuestFaculty2026

25 April 2026

सावधान! सुविधा की आड़ में क्या आपका 'स्मार्ट मीटर' कर रहा है जासूसी? जानिए इसका खौफनाक सच

स्मार्ट मीटर: सुविधा की आड़ में निजता और सुरक्षा पर मंडराता एक अदृश्य खतरा

​मध्य प्रदेश सहित देशभर में इन दिनों पारंपरिक बिजली मीटरों को हटाकर तेजी से 'स्मार्ट मीटर' लगाए जा रहे हैं। जनता को बताया जा रहा है कि यह तकनीक सटीक बिलिंग और ऑनलाइन मॉनिटरिंग की सुविधा देगी। ऊपर से देखने में यह कदम 'डिजिटल इंडिया' की ओर बढ़ता एक शानदार प्रयास लगता है। लेकिन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा ट्रांसमिशन के नजरिए से गहराई में जाने पर एक बहुत ही खौफनाक तस्वीर सामने आती है। सबसे बड़ा सवाल बिलों के बढ़ने का नहीं है, बल्कि उस अदृश्य खतरे का है जो हमारे घरों के बाहर एक 'निगरानी यंत्र' के रूप में टंग गया है।

​यह खतरा तकनीक से नहीं, बल्कि उस तकनीक के असुरक्षित उपयोग और डेटा प्राइवेसी (Data Privacy) की कमी से है।

1. चौबीसों घंटे की 'डिजिटल जासूसी' और निजता का हनन

पारंपरिक मीटर केवल महीने के अंत में कुल खपत बताते थे। इसके विपरीत, स्मार्ट मीटर IoT (Internet of Things) तकनीक और टू-वे कम्युनिकेशन मॉड्यूल (जैसे 4G/GPRS) से लैस होते हैं। ये मीटर हर 15 से 30 मिनट में आपके घर की बिजली खपत का डेटा एक केंद्रीकृत (Centralized) सर्वर पर भेजते हैं।

डेटा के इस निरंतर प्रवाह से किसी भी घर की पूरी दिनचर्या का सटीक ग्राफ बनाया जा सकता है—आप कब उठते हैं, कब सोते हैं, और कब घर में कौन से भारी उपकरण (जैसे AC या गीजर) चलते हैं। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिली 'निजता के अधिकार' (Right to Privacy) के दौर में, किसी भी नागरिक की दिनचर्या का इतना सूक्ष्म डेटा बिना स्पष्ट सुरक्षा गारंटी के एक सर्वर पर इकट्ठा करना एक गंभीर चिंता का विषय है।

2. 'ज़ीरो लोड' का खतरनाक सच: अपराधियों के लिए डिजिटल रेकी

सबसे बड़ा और सीधा खतरा 'ज़ीरो लोड' (Zero Load) डेटा का है। जब भी आप सपरिवार घर बंद करके शहर से बाहर जाते हैं, तो आपके घर की बिजली की खपत न्यूनतम या शून्य हो जाती है। स्मार्ट मीटर तुरंत यह 'ज़ीरो लोड' डेटा ग्रिड के सर्वर पर अपडेट कर देता है।

​हम यह नहीं कहते कि बिजली विभाग इस डेटा का दुरुपयोग कर रहा है, लेकिन सिस्टम में मौजूद थर्ड-पार्टी वेंडर्स, सर्वर मेंटेनेंस करने वाली प्राइवेट कंपनियों और डेटा ऑपरेटरों तक इस जानकारी की पहुँच होती है। यदि यह 'ज़ीरो लोड' डेटा किसी भी स्तर पर लीक हो जाए या हैकर्स इसे डार्क वेब पर बेच दें, तो अपराधियों को रेकी करने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। उन्हें एक कंप्यूटर स्क्रीन पर बैठे-बैठे पता चल जाएगा कि शहर के कौन-कौन से घर इस वक्त खाली हैं। यह तकनीक अनजाने में ही सेंधमारी और चोरियों के लिए एक 'परफेक्ट कैटलॉग' तैयार कर रही है।

3. रिमोट डिस्कनेक्ट और हैकिंग (Cybersecurity Threat)

स्मार्ट मीटर्स में एक 'रिमोट डिस्कनेक्ट' (Remote Disconnect) स्विच होता है। इसका मतलब है कि सर्वर रूम में बैठा व्यक्ति एक क्लिक से आपके घर की बिजली काट सकता है।

अगर किसी साइबर हमले या हैकिंग के जरिए अपराधियों ने इस सेंट्रल सर्वर का एक्सेस हासिल कर लिया, तो वे किसी विशेष मोहल्ले या कॉलोनी की लाइट एक साथ काट सकते हैं। अंधेरे का यह 'कंट्रोल्ड ब्लैकआउट' अपराधियों को किसी भी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए एकदम अनुकूल माहौल प्रदान कर सकता है। एक असुरक्षित नेटवर्क पर पूरे शहर की पावर सप्लाई का 'रिमोट कंट्रोल' छोड़ देना एक बहुत बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की चूक बन सकता है।

4. जवाबदेही और पारदर्शिता का अभाव

वर्तमान में इस बात की कोई सार्वजनिक जानकारी नहीं है कि जनता का यह संवेदनशील डेटा किस स्तर के एन्क्रिप्शन (Encryption) के साथ सर्वर पर भेजा जा रहा है। क्या इस कम्युनिकेशन मॉड्यूल की सुरक्षा का कोई स्वतंत्र 'साइबर सुरक्षा ऑडिट' (Cyber Security Audit) हुआ है? इस डेटा का कानूनी मालिक कौन है—उपभोक्ता या विभाग?

निष्कर्ष:

तकनीक का विरोध करना किसी भी समाज के लिए सही नहीं है, लेकिन तकनीक को बिना मजबूत सुरक्षा कवच और जवाबदेही के लागू करना आत्मघाती हो सकता है। जब तक उपभोक्ता डेटा सुरक्षा के लिए सख्त कानून नहीं बन जाते, सर्वर की सुरक्षा का थर्ड-पार्टी ऑडिट नहीं हो जाता, और 'ज़ीरो लोड' जैसी संवेदनशील जानकारी को एन्क्रिप्ट करने का पारदर्शी मेकेनिज्म नहीं बन जाता, तब तक इन स्मार्ट मीटर्स को अनिवार्य करना आम नागरिक को एक बड़े खतरे में धकेलने जैसा है।

​सुविधा जरूरी है, लेकिन हमारी सुरक्षा और निजता की कीमत पर बिल्कुल नहीं।

18 April 2026

स्वाद का सफर: क्या हम अनजाने में अपने जीवनसाथी की पसंद को 'बेस्वाद' कह रहे हैं?

रसोई केवल घर का वह हिस्सा नहीं है जहाँ पेट भरने के लिए खाना पकता है; यह वह जगह है जहाँ से पूरे परिवार के लिए प्रेम और परवाह परोसी जाती है। एक पत्नी के रूप में, परिवार के हर सदस्य की पसंद का ध्यान रखना हमारी दिनचर्या का हिस्सा बन जाता है। लेकिन इस भागदौड़ और अपनी सुविधा के बीच, क्या कभी ऐसा होता है कि हम अपने जीवनसाथी की पसंद को अनजाने में दरकिनार कर देते हैं?

अगर आप अपने पति के स्वाद को 'सादा' या 'बेस्वाद' मानकर उनके लिए बिना मन के खाना बना रही हैं, तो यह लेख आपके लिए एक नई शुरुआत का नज़रिया हो सकता है।

1. 'सादा' होने का मतलब 'बेस्वाद' होना नहीं है

अक्सर हम एक बहुत बड़ी गलतफहमी पाल लेते हैं। यदि पति को बाहर का तेज़ मसालेदार खाना, जंक फूड, या अत्यधिक मसालों वाली चीज़ें पसंद नहीं हैं, तो हम मान लेते हैं कि उनका स्वाद "निम्न" (inferior) है। सच्चाई यह है कि मुख्य सामग्री के असली स्वाद को न छिपाना एक बहुत ही परिष्कृत (refined) पसंद है। जीरा, लहसुन और प्याज़ का साधारण तड़का अपने आप में एक क्लासिक स्वाद है। उनके सादेपन को 'बेस्वाद' का टैग देना उनके स्वाद का नहीं, बल्कि हमारी समझ का अभाव है।

2. बिना मन के पकाया गया खाना कभी स्वादिष्ट नहीं हो सकता

ज़रा सोचिए: जब आप अपने पति के लिए उनकी पसंद का खाना बनाती हैं, तो क्या आप उसे चखती हैं? जब हम कोई ऐसी चीज़ बनाते हैं जो हमें खुद पसंद नहीं है, तो हम अक्सर उसे बिना चखे और बिना ध्यान दिए केवल 'निपटाने' के लिए बना देते हैं। नतीजा यह होता है कि नमक-मसाले का संतुलन बिगड़ जाता है और खाना सच में खराब बनता है। हम उस खराब बने खाने का दोष अपनी 'प्रक्रिया' को देने के बजाय उनके 'स्वाद' पर मढ़ देते हैं।

3. उस 90% समझौते का सम्मान करें

क्या आपने कभी गौर किया है कि आपके पति महीने के 90% दिन वही खाना बिना शिकायत के खा लेते हैं, जो आपको और बच्चों को पसंद है? वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि वे घर में शांति चाहते हैं और आपकी मेहनत का सम्मान करते हैं। जब एक व्यक्ति 90% बार आपकी पसंद को अपना सकता है, तो क्या वे बचे हुए 10% समय में यह हक़ नहीं रखते कि उनकी पसंद का खाना पूरे मन और सटीकता के साथ बनाया जाए?

4. मेहनत बढ़ाए बिना कैसे लाएं बदलाव?

स्मार्ट कुकिंग से इस दूरी को मिटाया जा सकता है:

  • बेस एक, तड़का दो: अगर दाल बन रही है, तो उसे एक 'बेस' तक उबाल लें। उसके बाद एक छोटे पैन में उनके लिए उनका पसंदीदा सादा तड़का लगा दें, और बाकी में अपने हिसाब से मसाले डाल लें।
  • चखना शुरू करें: जब आप उनके लिए कुछ अलग बनाएं, तो उसे एक चुनौती के रूप में लें। उसे चखें। एक अच्छा कुक वही है जो दूसरे की पसंद को भी परफेक्शन के साथ बना सके।
  • सहानुभूति का स्पर्श: जब आप उनके लिए कुछ बनाएं, तो यह सोचें कि "इन्होंने मेरे लिए कितने दिन मेरी पसंद का खाया है, आज मैं इन्हें इनके पसंद का स्वाद दूँगी।"

निष्कर्ष: रिश्तों में भोजन सिर्फ पोषण नहीं, स्वीकृति (Validation) है। जब आप अपने पति की पसंद का खाना पूरे मन और सम्मान के साथ बनाएंगी, तो वे केवल उस डिश का स्वाद नहीं चखेंगे—वे उस खाने में छुपे आपके प्यार को महसूस करेंगे।

16 April 2026

अब भाजपा के 16 मुख्यमंत्री | BJP 16 Chief Ministers List 2026 Full Details

अब भाजपा के 16 मुख्यमंत्री

भारत की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कुल 16 मुख्यमंत्री विभिन्न राज्यों में शासन कर रहे हैं। यह भाजपा के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।


📍 भाजपा के मुख्यमंत्री और उनके राज्य

  • उत्तर प्रदेश – योगी आदित्यनाथ
  • उत्तराखंड – पुष्कर सिंह धामी
  • मध्य प्रदेश – मोहन यादव
  • राजस्थान – भजनलाल शर्मा
  • गुजरात – भूपेंद्र पटेल
  • महाराष्ट्र – देवेंद्र फडणवीस
  • हरियाणा – नायब सिंह सैनी
  • असम – हिमंत बिस्वा सरमा
  • अरुणाचल प्रदेश – पेमा खांडू
  • त्रिपुरा – माणिक साहा
  • मणिपुर – एन. बीरेन सिंह
  • छत्तीसगढ़ – विष्णुदेव साय
  • गोवा – प्रमोद सावंत
  • ओडिशा – मोहन चरण मांझी
  • बिहार – सम्राट चौधरी (संदर्भ अनुसार)
  • दिल्ली – केंद्र शासित प्रदेश
महत्वपूर्ण बातें:
✔️ बिहार में पहली बार भाजपा का मजबूत शासन
✔️ दिल्ली एक केंद्र शासित प्रदेश है
✔️ भाजपा का देश में तेजी से विस्तार

यह आंकड़े दिखाते हैं कि भाजपा का राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह संख्या और भी बढ़ सकती है।

Tags: BJP, Chief Ministers, India Politics, BJP States, Political News

06 April 2026

पुरानी सोच, नई पीढ़ी: क्या पुरानी सोच हमारे परिवारों को तोड़ रही है?

बदलता भारत और हमारे बुजुर्ग: जब परंपराएं बेड़ियां बन जाएं
(एक बेटे के संघर्ष की कहानी)

भारत इस समय एक अभूतपूर्व दौर से गुजर रहा है। एक तरफ हमारी नई पीढ़ी है, जो डिजिटल क्रांति, भयंकर प्रतिस्पर्धा और तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था का सामना कर रही है। दूसरी तरफ हमारी पुरानी पीढ़ी है, जिनकी जड़ें गहरे गाँवों, पुरानी मान्यताओं और कई बार झाड़-फूंक जैसी कठोर और अतार्किक परंपराओं में धंसी हुई हैं।

इन दो पीढ़ियों के बीच का यह 'जनरेशन गैप' अब केवल उम्र का फासला नहीं रह गया है; यह दो अलग-अलग दुनियाओं का टकराव बन चुका है। इस टकराव में सबसे ज्यादा पिसता है वह बेटा, जो एक तरफ अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य के लिए संघर्ष कर रहा है और दूसरी तरफ अपने माता-पिता के कठोर और जिद्दी स्वभाव से जूझ रहा है।

नियंत्रण की चाह बनाम नयापन

पुरानी सोच वाले माता-पिता, विशेषकर ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े लोग, अक्सर यह मानते हैं कि 'नियंत्रण' (Control) ही सम्मान है। वे अपने जीवन के बनाए हुए सख्त नियमों को अपनी संतानों पर थोपना चाहते हैं। उनका दिमाग नए विचारों, पारदर्शिता और आज के समय की व्यावहारिक जरूरतों को स्वीकार करने के लिए तैयार ही नहीं होता।

जब एक बेटा पारिवारिक शांति और भविष्य के विवादों को सुलझाने के लिए कोई पारदर्शी रास्ता (जैसे स्पष्ट बँटवारा) निकालता है, तो पुरानी सोच इसे अपने 'अधिकार में कटौती' के रूप में देखती है। वे संपत्तियों को या अपने फैसलों को एक हथियार की तरह इस्तेमाल करते हैं, ताकि संतानों पर उनका खौफ और नियंत्रण बना रहे। वे यह नहीं समझ पाते कि आज के दौर में बच्चों को डराकर नहीं, बल्कि उन्हें समझकर ही परिवार को जोड़ा जा सकता है।

बुजुर्गों से एक विनम्र लेकिन स्पष्ट अपील

यह लेख उन सभी माता-पिता और बुजुर्गों के लिए है, जो अपनी पुरानी सोच के कारण अनजाने में ही सही, अपने ही बच्चों के सबसे बड़े मानसिक तनाव का कारण बन रहे हैं:

  • समय के बदलाव को स्वीकारें: आपके समय की चुनौतियां अलग थीं, आज की अलग हैं। आपका बेटा आज जिस मानसिक दबाव, महंगाई और पारिवारिक जिम्मेदारियों से गुजर रहा है, उसे पारदर्शी और स्पष्ट फैसलों की जरूरत है, न कि उलझी हुई और जिद्दी शर्तों की। आपके बच्चे का नयापन आपका अपमान नहीं है, यह समय की मांग है।
  • नियंत्रण छोड़ें, विश्वास अपनाएं: अचल संपत्ति या घर-परिवार पर कठोर मुट्ठी बांधकर रखने से आप शरीर तो अपने पास रख सकते हैं, लेकिन मन दूर हो जाते हैं। अपनी संतानों पर विश्वास करना सीखें।
  • आर्थिक नहीं, मानसिक सपोर्ट की जरूरत: आज की युवा पीढ़ी आपसे यह उम्मीद नहीं करती कि आप उन्हें अपनी सारी जमा-पूंजी दे दें या आर्थिक रूप से उन पर सब कुछ लुटा दें। वे खुद सक्षम हैं। उन्हें आपसे सिर्फ दो मीठे बोल और मानसिक संबल (Mental Support) चाहिए। वे चाहते हैं कि जब वे दुनिया से लड़कर घर लौटें, तो घर में उन्हें शांति मिले, न कि कोई नई जिद या क्लेश।
  • कम से कम तनाव तो न दें: यह सबसे महत्वपूर्ण विनती है। यदि आप अपनी पुरानी मान्यताओं और कठोर स्वभाव के कारण अपने बच्चों की नई सोच का समर्थन नहीं कर सकते, यदि आप उन्हें मानसिक संबल नहीं दे सकते, तो कम से कम उन्हें मानसिक तनाव तो न दें। आपके बच्चे पहले ही बाहरी दुनिया में बहुत सी जंग लड़ रहे हैं, उन्हें अपने ही घर में अपनों से न लड़वाएं।

निष्कर्ष

परिवार एक पेड़ की तरह होता है। पुरानी पीढ़ी उस पेड़ की जड़ें हैं और नई पीढ़ी उसकी शाखाएं। जड़ों का काम शाखाओं को पोषण देना और उन्हें आसमान छूने के लिए आजाद छोड़ना है, न कि उन्हें खींचकर जमीन में गाड़ देना।

जिद्द और पुराने संस्कारों की बेड़ियों को तोड़िए। अपने बच्चों के फैसलों और उनके संघर्षों का सम्मान कीजिए। जब आप अपनी मुट्ठी खोलेंगे, तभी आप अपने बच्चों के हाथों में हाथ डाल पाएंगे। शांति संपत्तियों पर कब्जा जमाने में नहीं, बल्कि अपनों के दिलों में जगह बनाने में है।

14 March 2026

रीवा पवार इंडियन ऑयल (इण्डेन) गैस एजेंसी का नंबर - Rewa Pawar Indian oil Gas agency ka number

पवार इन्टरप्राइजेज (इण्डेन गैस) का स्थान परिवर्तन

क्या आप रीवा में पवार इंडियन (इण्डेन) गैस एजेंसी के उपभोक्ता हैं? यदि हाँ, तो आपके लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट है। पवार इन्टरप्राइजेज गैस एजेंसी का ऑफिस अब एक नए स्थान पर शिफ्ट हो गया है। ग्राहकों की सुविधा के लिए एजेंसी ने अपना नया पता और नए संपर्क नंबर जारी किए हैं, जिनकी पूरी जानकारी नीचे दी गई है।

Rewa Pawar Indane Gas Agency New Address and Contact Number

📍 नया पता (New Address)

हनुमान वाटिका के सामने,
अभिषेक टेंट हाउस के बगल में,
समान तिराहा के आगे, रतहरा, रीवा (म.प्र.)

📞 संपर्क सूत्र (Contact Numbers)

गैस बुकिंग या किसी भी अन्य जानकारी के लिए आप नीचे दिए गए नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

☎️ लैंडलाइन नंबर:
  • 07662-251215
  • 07662-241144
📱 मोबाइल नंबर:
  • 88277 23221
  • 99930 57122
  • 95227 50680
  • 93010 81524
  • 89621 25498
  • 79992 37482
  • 94253 29949

यह जानकारी पवार इन्टरप्राइजेज द्वारा जारी किए गए बैनर के आधार पर दी गई है। इस पोस्ट को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें ताकि उन्हें भी नए पते की जानकारी मिल सके।

28 February 2026

नए स्टील के बर्तन और नए कपड़े बिना धोए इस्तेमाल करना कितना खतरनाक है?

'नया है तो क्या साफ़ है?' - नए स्टील के बर्तन और कपड़ों की छिपी हुई घातक सच्चाई!

हम अक्सर मानते हैं कि जो चीज़ बाज़ार से नई आई है, वह पूरी तरह से साफ़ और इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है। लेकिन क्या सच में ऐसा है? "नया है तो साफ़ है" की यह धारणा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक हो सकती है। आज हम जानेंगे कि नए स्टील के बर्तनों और नए कपड़ों को बिना धोए इस्तेमाल करना कितना भारी पड़ सकता है।

1. नए स्टील के बर्तनों में 'मिट्टी के तेल' जैसी महक क्यों?

जब आप नया स्टील का गिलास या बर्तन खरीदते हैं, तो कारखाने में उसे चमकदार बनाने के लिए इंडस्ट्रियल लुब्रिकेंट्स (औद्योगिक तेल), पॉलिशिंग ग्रीस और मैटेलिक डस्ट का इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि नए बर्तनों से अक्सर मिट्टी के तेल (Kerosene) जैसी महक आती है। अगर आप इन्हें सिर्फ पानी या हल्के साबुन से धोकर इस्तेमाल कर लेते हैं, तो ये केमिकल सीधे आपके पेट में जा सकते हैं।

इन्हें साफ़ करने का सही और सुरक्षित तरीका:

  • खौलता हुआ पानी: नए बर्तन में खौलता हुआ पानी डालें और उसमें 1 चम्मच डिश लिक्विड डालकर 15 मिनट छोड़ दें।
  • नींबू और नमक: नींबू के आधे टुकड़े पर नमक लगाकर गिलास के अंदर और बाहर रगड़ें। इसका एसिड तेल की परत काट देता है।
  • टिश्यू पेपर टेस्ट: धोने के बाद एक सूखे सफेद कपड़े या टिश्यू से बर्तन को पोंछें। अगर कपड़े पर काला या स्लेटी (Grey) निशान आता है, तो इसका मतलब है कि पॉलिश अभी भी मौजूद है। बर्तन को दोबारा धोएं।

2. बिना धुले नए कपड़े पहनना: बीमारियों को बुलावा

मॉल से लाए गए या ऑनलाइन मंगवाए गए नए कपड़ों को सीधे पहन लेना सबसे बड़ी गलतियों में से एक है। इसके पीछे कई गंभीर कारण हैं:

  • ट्रायल रूम का संक्रमण: मॉल के 'ट्रायल रूम' में एक कपड़े को कई लोग पहनकर देखते हैं। दूसरों के पसीने, डेड स्किन सेल्स और दाद/खुजली जैसे फंगल इंफेक्शन के कीटाणु कपड़े पर चिपक जाते हैं।
  • खतरनाक रसायन: कपड़ों को झुर्रियों से बचाने के लिए फॉर्मलाडेहाइड (Formaldehyde) जैसे केमिकल्स का इस्तेमाल होता है। यह त्वचा में एलर्जी और गंभीर चकत्ते पैदा कर सकता है।
  • अतिरिक्त रंग (Dyes): नए कपड़ों का गहरा रंग पसीने के साथ घुलकर आपकी त्वचा में सोख लिया जाता है, जिससे चर्म रोग हो सकता है।

बचाव के लिए क्या करें?

हमेशा नए कपड़ों को पहनने से पहले एक बार ज़रूर धोएं और उन्हें उल्टा करके धूप में सुखाएं ताकि बचे-खुचे बैक्टीरिया मर जाएं। मॉल में ट्रायल करते समय कपड़े हमेशा अपने इनरवेयर के ऊपर ही पहनकर देखें।

पूरी जानकारी एक नज़र में (Infographic)

निष्कर्ष: "सावधानी ही बचाव है।" अपने परिवार को स्वस्थ रखने के लिए बाजार से लाई गई किसी भी नई चीज़ (चाहे वह बर्तन हो या कपड़े) को उपयोग से पहले गहराई से साफ करना अपनी आदत बना लें। इस पोस्ट को अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें ताकि वे भी जागरूक हो सकें!

25 February 2026

TRS College Rewa Rojgar Mela: 25 फरवरी 2026 को 44 कंपनियाँ देंगी जॉब, 35000 तक मिलेगी सैलरी

रीवा रोजगार मेला TRS कॉलेज

रीवा के युवाओं के लिए जॉब पाने का सुनहरा मौका

रीवा: जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का एक बड़ा अवसर सामने आया है। युवा संगम कार्यक्रम के अंतर्गत आज 25 फरवरी को स्थानीय टी.आर.एस. (TRS) कॉलेज में एक वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशन में आयोजित होने वाले इस मेले में नामी-गिरामी 44 कंपनियाँ शिरकत करेंगी।

📌 रोजगार मेले की मुख्य जानकारी:

  • 🏢 स्थान: टी.आर.एस. (TRS) कॉलेज, रीवा
  • 📅 दिनांक: 25 फरवरी
  • समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक
  • 🤝 कंपनियाँ: 44 राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ
  • 💰 वेतन पैकेज: ₹7,000 से ₹35,000 प्रतिमाह (योग्यता अनुसार)

📁 साथ लाना न भूलें ये आवश्यक दस्तावेज:

मेले में शामिल होने के इच्छुक युवक-युवतियों को अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल प्रति (Original) और उनका फोटोकॉपी सेट अनिवार्य रूप से लाना होगा:

  1. शैक्षणिक अंकसूचियां: 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन या आईटीआई/डिप्लोमा की मार्कशीट।
  2. निवास प्रमाण पत्र: मध्य प्रदेश के मूल निवासी होने का प्रमाण।
  3. पहचान पत्र: आधार कार्ड (Aadhar Card) या वोटर आईडी।
  4. रोजगार पंजीयन: रोजगार कार्यालय का जीवित पंजीयन (Live Registration) सर्टिफिकेट।
  5. फोटोग्राफ: 2 नवीनतम (Recent) पासपोर्ट साइज फोटो।

🚀 रीवा जिले के पात्र युवा समय पर पहुँचकर इस अवसर का लाभ उठाएं और अपना भविष्य संवारें!

30 January 2026

डिजिटल स्वराज: भारत को चाहिए अपना 'स्वदेशी वीडियो प्लेटफॉर्म' - प्रधानमंत्री जी से एक अपील


आज भारत का युवा जाग चुका है, उसके पास प्रतिभा है, लेकिन यूट्यूब जैसा देश का वीडियो प्लेटफार्म नहीं जबकि काम करने का जज्बा है। लेकिन एक कड़वी सच्चाई यह है कि हमारे देश के करोड़ों युवा दिन-रात youtube में मेहनत करके वीडियो कंटेंट बनाते हैं, और उसका असली आर्थिक फायदा विदेशी कंपनियों YouTube को मिल रहा है।

समय आ गया है कि हम 'डिजिटल गुलामी' को खत्म करें और तकनीकी क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य के साथ, यह एक खुला पत्र और निवेदन है हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री जी से।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से विनम्र निवेदन

"आदरणीय मोदी जी,

भारत को सच्चे अर्थों में 'आत्मनिर्भर' बनाने के लिए अब हमें तकनीकी क्षेत्र में भी 'डिजिटल स्वराज' की ओर कदम बढ़ाना होगा। यह विडंबना है कि भारत के करोड़ों प्रतिभाशाली युवा दिन-रात परिश्रम कर कंटेंट बनाते हैं, लेकिन उनकी मेहनत का बड़ा हिस्सा विदेशी कंपनियों के खाते में जा रहा है।

मेरा आपसे विनम्र निवेदन है कि भारत सरकार, आईटी मंत्रालय के नेतृत्व में यूट्यूब की तर्ज पर एक 'स्वदेशी वीडियो प्लेटफॉर्म' और डिजिटल इकोसिस्टम विकसित करे।

जब हमारे पास विश्व स्तरीय 'देसी एप्लीकेशन' होंगे, तो न केवल भारत का डेटा और पैसा देश में रहेगा, बल्कि भारतीय युवाओं की प्रतिभा का लाभ भी सीधे राष्ट्र को मिलेगा। आइए, तकनीकी निर्भरता को खत्म कर एक डिजिटल सशक्त भारत का निर्माण करें।"

हमें सरकारी 'देसी वीडियो प्लेटफॉर्म' क्यों चाहिए?

  • 💸 आर्थिक लाभ (Economic Benefit): आज विज्ञापन और मोनेटाइजेशन का अरबों रुपया विदेश जा रहा है। यदि प्लेटफॉर्म स्वदेशी होगा, तो यह पैसा भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।
  • 🔐 डेटा सुरक्षा (Data Sovereignty): भारतीयों का डेटा विदेशी सर्वर पर क्यों रहे? अपना प्लेटफॉर्म होने से डेटा की सुरक्षा हमारे हाथों में होगी।
  • 🇮🇳 युवाओं को रोजगार: भारत के आईटी सेक्टर में वो क्षमता है कि हम गूगल और यूट्यूब जैसी कंपनियों को टक्कर दे सकें। सरकार द्वारा समर्थित प्लेटफॉर्म से लाखों डेवलपर्स और क्रिएटर्स को रोजगार मिलेगा।

भारत सरकार के आईटी सेक्टर और नीति आयोग को इस दिशा में पहल करनी चाहिए और भारतीय युवाओं को विदेशी ऐप्स के बजाय 'देसी एप्लीकेशन' में काम करने के लिए प्रेरित करना चाहिए।

📢 अपनी आवाज उठाएं!

अगर आप भी चाहते हैं कि भारत का अपना खुद का वीडियो प्लेटफॉर्म हो, तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और #DigitalSwaraj के साथ अपनी मांग रखें।

जय हिन्द! जय भारत! 🇮🇳

28 December 2025

UP Police SI & ASI Recruitment 2025: गोपनीय, लिपिक और लेखा विभाग में 537 पदों पर भर्ती | Apply Online

📢 ऑनलाइन आवेदन जारी: अंतिम तिथि 19 जनवरी 2026 है। अभी आवेदन करें!

UP Police SI & ASI Recruitment 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने उप-निरीक्षक (गोपनीय) और सहायक उप-निरीक्षक (लिपिक/लेखा) के 537 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। यह उन उम्मीदवारों के लिए एक बेहतरीन अवसर है जो स्नातक हैं और जिनके पास 'O' लेवल का कंप्यूटर सर्टिफिकेट है।

योग्य उम्मीदवार 20 दिसंबर 2025 से 19 जनवरी 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण अपडेट: कुल 537 पदों (SI Confidential, ASI Clerk, ASI Accountant) के लिए आवेदन प्रक्रिया सक्रिय है।

भर्ती का संक्षिप्त विवरण (Overview)

बोर्ड UPPRPB (उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड)
पद के नाम SI (Confidential), ASI (Clerk/Accounts)
कुल पद 537 Posts
आवेदन मोड ऑनलाइन
अंतिम तिथि 19 जनवरी 2026
आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in

रिक्तियों का विवरण (Vacancy Details)

पद का नाम कुल पद वेतनमान (Pay Scale)
SI (Confidential) - गोपनीय 112 Pay Level-6 (₹35,400 - ₹1,12,400)
ASI (Clerk) - लिपिक 311 Pay Level-5 (₹29,200 - ₹92,300)
ASI (Accounts) - लेखा 114 Pay Level-5 (₹29,200 - ₹92,300)
कुल (Total) 537

महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

  • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 20 दिसंबर 2025
  • पंजीकरण की अंतिम तिथि: 19 जनवरी 2026
  • शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 19 जनवरी 2026
  • शुल्क समायोजन/संशोधन: 22 जनवरी 2026
  • परीक्षा तिथि: जल्द सूचित किया जाएगा

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

1. शैक्षिक योग्यता (Education)

  • SI (Confidential): किसी भी विषय में स्नातक + हिंदी टाइपिंग (25 wpm) और अंग्रेजी टाइपिंग (30 wpm) + हिंदी आशुलिपि (Steno) 80 wpm + 'O' Level सर्टिफिकेट।
  • ASI (Clerk): किसी भी विषय में स्नातक + हिंदी टाइपिंग (25 wpm) और अंग्रेजी टाइपिंग (30 wpm) + 'O' Level सर्टिफिकेट।
  • ASI (Accounts): कॉमर्स में स्नातक (B.Com) + हिंदी टाइपिंग (15 wpm) + 'O' Level सर्टिफिकेट।

2. आयु सीमा (Age Limit)

(आयु की गणना 01 जुलाई 2025 के आधार पर)

  • न्यूनतम आयु: 21 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 28 वर्ष
  • (OBC/SC/ST वर्ग को नियमानुसार अधिकतम आयु में 5 वर्ष की छूट मिलेगी।)

शारीरिक मानक (Physical Standards)

श्रेणी ऊंचाई (पुरुष) सीना (पुरुष) ऊंचाई (महिला)
Gen/OBC/SC 163 cm 77-82 cm 150 cm
ST 156 cm 75-80 cm 145 cm

आवेदन शुल्क (Application Fee)

  • सभी श्रेणियों (Gen/OBC/SC/ST/Female) के लिए: ₹400/-
  • भुगतान का तरीका: ऑनलाइन (UPI, नेट बैंकिंग, कार्ड)

आवेदन कैसे करें? (How to Apply)

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
  2. "Direct Recruitment for UP Police SI (Confidential) & ASI (Clerk/Accounts) - 2025" लिंक पर क्लिक करें।
  3. 'New Registration' पर क्लिक करें और अपना विवरण भरें।
  4. शैक्षिक दस्तावेज, 'O' Level सर्टिफिकेट, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें।
  5. ₹400 शुल्क का भुगतान करें और फॉर्म सबमिट करें।
  6. भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

24 December 2025

UP Police Computer Operator Recruitment 2025: 12वीं पास + O Level वालों के लिए 1352 पदों पर बंपर भर्ती | Apply Online

📢 आवेदन शुरू: 16 दिसंबर 2025 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है!

UP Police Computer Operator Recruitment 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए (Computer Operator Grade-A) के 1352 पदों पर सीधी भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यदि आपने 12वीं (विज्ञान) के साथ कंप्यूटर कोर्स किया है, तो यह आपके लिए यूपी पुलिस में शामिल होने का शानदार मौका है।

योग्य उम्मीदवार 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण अपडेट: कुल 1352 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 है।

भर्ती का संक्षिप्त विवरण (Overview)

बोर्ड UPPRPB (उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड)
पद का नाम Computer Operator Grade-A
कुल पद 1352 Posts
वेतनमान (Salary) Level-4 (₹25,500 - ₹81,100)
आवेदन की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026
आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in

महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

  • अधिसूचना जारी: 16 दिसंबर 2025
  • ऑनलाइन आवेदन शुरू: 16 दिसंबर 2025
  • आवेदन की अंतिम तिथि: 15 जनवरी 2026
  • शुल्क समायोजन की अंतिम तिथि: 18 जनवरी 2026
  • परीक्षा तिथि: जल्द सूचित किया जाएगा

रिक्तियों का विवरण (Vacancy Details)

श्रेणी (Category) पद (Posts)
अनारक्षित (General) 545
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) 364
आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) 134
अनुसूचित जाति (SC) 283
अनुसूचित जनजाति (ST) 26
कुल योग (Total) 1352

पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)

1. शैक्षिक योग्यता (Education)

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड से इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा भौतिकी (Physics) और गणित (Maths) विषयों के साथ उत्तीर्ण।
  • तथा DOEACC/NIELIT से 'O' Level प्रमाण पत्र या इसके समकक्ष मान्यता प्राप्त कोई अन्य कंप्यूटर कोर्स (जैसे डिप्लोमा इन कंप्यूटर इंजीनियरिंग/IT/इलेक्ट्रॉनिक्स)।

2. आयु सीमा (Age Limit)

(आयु की गणना 01 जुलाई 2025 के आधार पर)

  • न्यूनतम आयु: 18 वर्ष
  • अधिकतम आयु: 28 वर्ष
  • (आरक्षित वर्गों - OBC/SC/ST को सरकारी नियमों के अनुसार ऊपरी आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट मिलेगी।)

आवेदन शुल्क (Application Fee)

  • सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: ₹500/-
  • एससी / एसटी: ₹400/-
  • (सभी श्रेणी की महिला उम्मीदवारों के लिए भी नियमानुसार शुल्क लागू होगा)

चयन प्रक्रिया (Selection Process)

  1. लिखित परीक्षा (Written Exam): 200 अंकों का ऑनलाइन पेपर (सामान्य ज्ञान, मानसिक अभिरुचि, तर्कशक्ति और कंप्यूटर विज्ञान)।
  2. टंकण परीक्षा (Typing Test): हिंदी (न्यूनतम 25 wpm) और अंग्रेजी (न्यूनतम 30 wpm)।
  3. दस्तावेज़ सत्यापन (DV)
  4. मेडिकल परीक्षा (Medical Exam)

आवेदन कैसे करें? (How to Apply)

  1. सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं।
  2. "Computer Operator Grade-A Recruitment 2025" लिंक पर क्लिक करें।
  3. यदि आपने OTR (One Time Registration) नहीं किया है, तो पहले उसे पूरा करें।
  4. लॉगिन करें और अपना आवेदन फॉर्म भरें।
  5. आवश्यक दस्तावेज (फोटो, हस्ताक्षर, 'O' Level सर्टिफिकेट) अपलोड करें।
  6. आवेदन शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें।
  7. फॉर्म सबमिट करें और प्रिंटआउट सुरक्षित रख लें।

23 November 2025

AIIMS CRE-4 Recruitment 2025: AIIMS New Delhi ने 1383 ग्रुप B और C पदों के लिए आवेदन मांगे हैं।

AIIMS CRE-4 Recruitment 2025: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली ने देश भर के विभिन्न एम्स संस्थानों के लिए कॉमन रिक्रूटमेंट एग्जामिनेशन (CRE-4) के तहत ग्रुप B और C के पदों पर भर्ती निकाली है।

इस भर्ती के माध्यम से क्लर्क, टेक्नीशियन, जूनियर इंजीनियर और अन्य नॉन-फैकल्टी पदों पर कुल 1383 से अधिक रिक्तियों को भरा जाएगा। आवेदन की अंतिम तिथि 02 दिसंबर 2025 है, इसलिए पात्र उम्मीदवार जल्द से जल्द आवेदन करें।

ध्यान दें: ऑनलाइन आवेदन 14 नवंबर से शुरू हो चुके हैं और अप्लाई करने की आखिरी तारीख 2 दिसंबर 2025 (शाम 5 बजे तक) है।

AIIMS CRE-4 भर्ती 2025: एक नजर में (Overview)

संस्थाAIIMS New Delhi & Participating AIIMS
परीक्षा का नामCommon Recruitment Examination (CRE-4)
पद का नामGroup B & C Posts (Non-Faculty)
कुल पद1383+
आवेदन की अंतिम तिथि02 दिसंबर 2025
परीक्षा तिथि (CBT)22 से 24 दिसंबर 2025 (संभावित)

महत्वपूर्ण तिथियां (Important Dates)

  • अधिसूचना जारी: 14 नवंबर 2025
  • आवेदन शुरू: 14 नवंबर 2025
  • आवेदन समाप्त: 02 दिसंबर 2025
  • एडमिट कार्ड: परीक्षा से एक सप्ताह पहले
  • परीक्षा (CBT): 22-24 दिसंबर 2025

रिक्ति विवरण (Vacancy Details)

एम्स ने विभिन्न विभागों में रिक्तियां जारी की हैं, जिनमें प्रमुख पद शामिल हैं:

  • Lower Division Clerk (LDC)
  • Technician (Laboratory/OT)
  • Junior Engineer (Civil/Electrical/AC&R)
  • Assistant Administrative Officer
  • Pharmacist
  • Store Keeper
  • Stenographer
  • Hostel Warden और अन्य पद

पात्रता और शुल्क (Eligibility & Fee)

  • शैक्षिक योग्यता: पद के अनुसार 10वीं/12वीं/ITI/डिप्लोमा या ग्रेजुएशन डिग्री। (विस्तृत जानकारी के लिए नोटिफिकेशन देखें)।
  • आयु सीमा: 18-30/35 वर्ष (पदानुसार अलग-अलग)।
  • आवेदन शुल्क:
    • Gen/OBC: ₹3000/-
    • SC/ST/EWS: ₹2400/-
    • PwBD: निःशुल्क (Exempted)

आवेदन कैसे करें? (How to Apply)

  1. आधिकारिक वेबसाइट aiimsexams.ac.in पर जाएं।
  2. "Recruitments" टैब में "Common Recruitment Examination (CRE-4)" पर क्लिक करें।
  3. अपना रजिस्ट्रेशन करें और फॉर्म भरें।
  4. फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें और फीस जमा करें।
  5. फाइनल सबमिट करने के बाद प्रिंटआउट निकाल लें।